10 October 2009

i-Shayar - 1

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किससे दिल के जख्मोंपर मरहम लगायें,
ये दुनिया तो हाथोमे नमक लिए बैठी है!

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जिनकी तबियत
आवाज़ से ही समझ जाते है हम,
जाने उन्हें कब हमारे दिल की
तबियत समझ आयेगी.

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